*श्रीनगर में आंतकियों से मुठभेड़ में हिमाचल का जवान शहीद #kangralive*

August 3rd, 2017 | Post by :- kangralive | 134 Views
 शिमला : आंतकियों से लोहा लेते हुए जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के करपट गांव का जवान तेंजिन छुलटिम शहीद हो गया। बुधवार देर रात श्रीनगर के अलगांव में आंतकियों से मुठभेड़ के दौरान जवान के सिर पर गोली लगी थी। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए वीर जवान शहीद हो गया। समूची लाहौल घाटी में शोक की लहर है। बचपन से ही देश भक्ति का जज्बा रखने वाले 25 साल के तेंजिन छुलटिम ने अपनी जान की परवाह न करते हुए देश के लिए कुर्बानी दे दी।

साभार : अमर उजाला

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि घटना बुधवार देर रात 2:30 बजे के आसपास की है। आंतकियों से मुठभेड़ के बीच उनके सिर पर गोली लगी। शहीद जवान को लाहौल लाने के लिए सेना के उच्चाधिकारियों ने हेलीकॉप्टर की सिफारिश की है।

चार साल पहले हुआ था सेना में भर्ती

ग्रामीणों का कहना है कि तेंजिन छुलटिम के मन में बचपन से ही देश भक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। तेंजिन चार साल पहले डोगरा स्काउट में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। परिजनों को अब तेंजिन के पार्थिव शरीर का इंतजार है।

सेना के उच्च अधिकारियों की मानें तो शहीद को उनके पैतृक गांव पहुचांने के लिए तिंगरेट हेलीपैड की जीआर ले ली गई है। शहीद तेंजिन को राजकीय सम्मान के साथ मुखा‌ग्नि दी जाएगी। लाहौल स्पीति के उपायुक्त देवा सिंह नेगी ने करपट निवासी तेंजिन छुलटिम के शहीद होने की पुष्टि की है।

शहीद के पिता बोले- बेटे की देशभक्ति को मेरा सलाम

लाहौल के करपट गांव के शहीद तेंजिन छुलटिम के पिता किशन चंद ने कहा कि मैंने अपना चिराग खो दिया है। लेकिन देश के लिए शहीद होने वाले बेटे की देशभक्ति को मैं सलाम करता हूं। बचपन में नकली पिस्तौल से खेलने का शौक आज उसने पूरा कर लिया है। शहीद की मां तेंजिन आंगमो व दो बहनें लाडले के खो जाने पर फूट-फूट कर रो रही हैं।

मां कभी आसमान तो कभी रास्ते की ओर देख रही हैं। गांव में परिवार को दिलासा देने वालों की आंखें भी नम हो रही हैं। शहीद तेंजिन छुलटिम के चाचा रमेश ने कहा कि तेंजिन जून माह में घर आया था। 21 जून को उसने दोबारा ड्यूटी ज्वाइन की थी। तेंजिन अपने माता-पिता व बहनों से वादा कर गया था कि जल्द छुट्टी लेकर घर आएगा।

स्थानीय पंचायत प्रधान प्रेमदासी ने कहा कि तेंजिन छुलटिम मिलनसार था और उसमें देशभक्ति की भावना बचपन से थी। लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर, पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह ठाकुर ने शहीद के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

उल्लेखनीय है कि लाहौल का करपट गांव इन दिनों बाढ़ की वजह से मुसीबत में घिरा हुआ है। करपट नाले में आई बाढ़ से यहां का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। इसी बीच ग्रामीणों ने गांव के एक वीर सैनिक को खो दिया, जिससे मानो गांव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो।